
कोण्डागांव- जिले में ‘उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ के अंतर्गत 22 मार्च 2026 दिन रविवार को महापरीक्षा का सफल आयोजन किया गया। इस अभियान का संचालन कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने निर्देशन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अविनाश भोई तथा जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान और जिला परियोजना अधिकारी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। महापरीक्षा में 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षर नागरिकों ने साक्षर बनने के संकल्प के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिला परियोजना अधिकारी के अनुसार, इस अभियान के तहत कुल 14,470 शिक्षार्थियों का पंजीयन हुआ था, जिनमें से 10,570 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए।
469 केंद्र बनाए गए थे–
जिले के पांचों विकासखंडों में बनाए गए 469 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित की गई।
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उस लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसके तहत वर्ष 2027 तक देश को पूर्ण साक्षर बनाने का संकल्प लिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती प्रधान ने बताया कि इस परीक्षा का उद्देश्य 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के निरक्षर नागरिकों को पढ़ना-लिखना, गणना करना और आवश्यक जीवन कौशलों से सशक्त बनाना है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ समाज में योगदान दे सकें। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जिले के साक्षरता पुनर्वास केंद्र देवखरगांव को आदर्श परीक्षा केंद्र बनाया गया था। यहां परीक्षा केंद्राध्यक्ष श्री तुलाराम शोरी (प्राचार्य), सहायक शिक्षक सुश्री राधिका दीवान, शासकीय प्राथमिक शाला बुनागांव के शिक्षक एवं स्वयंसेवी शिक्षकों श्री मिथलेश वर्मा और श्री अभिषेक पाण्डे का विशेष सहयोग रहा। इस महत्त्वपूर्ण अभियान की सफलता में जिला कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अविनाश भोई, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती प्रधान, जिला परियोजना अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, खंड स्त्रोत समन्वयक, संकुल प्राचार्य, संकुल समन्वयक, शिक्षक एवं ग्राम प्रभारियों की अहम भूमिका रही।